एक पल वो था
जब तुम्हारी छवि ने छुआ था
पता नहीं चल मुझे
एक धड़कन वो थी
जब तुमने ख़ामोशी से पुकारा था
कुछ हुआ था मुझे
एक बहार वो थी
जब तुमने प्यार से छुआ था
प्यार हुआ था मुझे
एक अँधेरा वो था
जब तुमने हाथ पकड़ उठाया था
खुदा दिखा था मुझे
एक मोड़ वो था
जब तुमे मांग भर अपनाया था
जीवन नया मिला था मुझे
और
आज एक वो है
जब तुमने निगाहों से थामा था
सहारा मिल ही गया मुझे
